रविवार को उन्होंने रमजानपुर, लोहाठेर, मिढोली, कादरचौक आदि गांवों में जनसभा को संबोधित किया। गांव पहुंचने पर जनता ने छतों से फूलों की बारिश की और उन्हें मालाओं से लाद दिया। विशेष तौर पर रमजानपुर जब आबिद रज़ा पहुंचे तब रमजानपुर के लोग सभा स्थल तक आबिद रज़ा को ढोल नगाड़ों के साथ फूलों की बारिश करते हुए जुलूस बनाकर ले गए। यहां की जनता ने एक राय होकर पूर्व मंत्री आबिद रज़ा से 116 शेखुपुर विधानसभा से 2027 में चुनाव लड़ने की मांग रखी और जनता ने कहा हम शेखुपुर में बहुत नेताओं को देख चुके जो कहते कुछ है, करते कुछ हैं। चुनाव में बड़े बड़े वायदे करके जाते हैं, चुनाव जीतने के बाद विकास करने की बात छोड़ो पलट कर गांव भी नहीं आते हैं। जनता का हाल नहीं पूछते, वोटर को पहचानते नहीं है। 35 साल से शेखुपुर की जनता को हिन्दू, मुसलमान के नाम पर बेवकूफ बनाया जा रहा है। जनता ने यह भी कहा कि शेखुपुर 116 में चुनाव दो नेताओं में फिक्स मैच है। "एक बार हम जीत लें, दूसरी बार तुम जीत लो"। कोई नेता शेखुपुर से लगातार दूसरी बार नहीं जीता। क्योंकि कोई काम नहीं करता। जनता इसलिए भी परेशान है कि शेखुपुर में दो नेताओं के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसलिए जनता ने आबिद रज़ा से विशेष आग्रह किया कि आप इस बार शेखुपुर विधानसभा से चुनाव लड़े।
जनता का जताया आभार
पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने जनसभा में कहा कि मैं शेखूपुर के लोगों का शुक्रिया कहना चाहूंगा। यह मेरी खुश किस्मती है कि मैने आपके दिलों में जगह बनाने में कामयाबी हासिल की, यह ऊपर वाले का शुक्र है। मेरी राजनीति करने का तरीका थोड़ा अलग है, मैं बातें कम करता हूं, काम ज्यादा करता हूं। मैं जिस इलाके से चुनाव लड़ता हूं जब जीत जाता हूं तो उस इलाके की जनता को मेरे पास काम के लिए आने की जरूरत नहीं पड़ती है। मुझे काम करने का शौक नहीं है, बल्कि जुनून है। मेरे वोटर को नाजायज नुकसान पहुंचाने की हिम्मत किसी अधिकारी की नहीं होती। मेरे इलाके में बेगुनाह जेल नहीं जाते है। इसीलिए मैं जब शहर का चेयरमैन था बदायूं क्लब जिसके अध्यक्ष जिलाधिकारी व उपाध्यक्ष एसपी होते हैं तथा लगभग 150 मेंबर पूरे जिले के इंटलेक्चुअल लोग होते हैं। बदायूं क्लब द्वारा मुझे "विकास पुरुष" का खिताब मिला और जब मैं मंत्री था तब मुझे बदायूं क्लब द्वारा "बदायूं रत्न" का खिताब मिला। यह सच है शेखुपुर विधानसभा के कई गांवों में दौरा कर चुका। इलाके की टूटी सड़के, खस्ता हाल शिक्षा व्यवस्था, लाचार चिकित्सा व्यवस्था विकास के नाम पर जीरो। शेखूपुर विधानसभा की हालत खुद बयां कर रही है कि शेखूपुर की जनता ने जिन नेताओं को जिम्मेदारी देने के लिए वोट किया जनप्रतिनिधियों ने शेखुपुर की जनता के वोट के साथ इंसाफ नहीं किया। यह शेखुपुर के नेताओं की बदकिस्मती है।
सरकार बनी तो रमजानपुर होगी नगर पंचायत
पूर्व मंत्री आबिद रज़ा के साथ विनोद यादव, बृजेश यादव, रामौतार जाटव, सुहैल अहमद, रमेश बाल्मीकि, रवि कश्यप, सुरेश मौर्या, नन्हे जाटव, सुनील यादव, हर्षित यादव, अरुण यादव, बहादुर खां, यूनुस खां, जाबिर खां आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहें।

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